Friday, 30 September 2016

100 Mahatma Gandhi Jayanti Whatsapp Status,Quotes and SMS in Hindi Font


happy mahatma gandhi

Gandhi Jayanti is a great occasion because Mohandas Karamchand Gandhi take a birth on 2nd October 1869 in the village called porbunder. On this occasion wish your friends and near dear by keeping Happy Gandhi Jayanthi Whatsapp Status and you also wish by updating your Facebook status as Happy Gandhi Jayanthi Facebook Status. The great leader contributed towards bringing peace and non-violence to this world. People greet one another by sending Happy Gandhi Jayanthi messages in English to honor the birth of a great leader. A man is but the product of his thoughts what he thinks, he becomes. ~ Mahatma Gandhi May you have an inspiring Gandhi Jayanti! and here Happy Gandhi Jayanti Images.

1. “अहिंसा का वो था पुजारी, सत्य की राह दिखाने वाला, ईमान का पाठ जिसने पढ़ाया हमें, वो था बापू लाठी वाला ।
गाँधी जयंती की शुभ कामनायें!”

2. “अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है ।”

3. “आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी ।”

4. “त्याग विदेशी धागे उसने खुद ही खादी बनाया था, पहनकर काठ की चप्पल जिसने सत्याग्रह का राग सुनाया था ।
शुभ गाँधी जयंती!”

5. “विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है ।”

6. “मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी ।”

7. “खुशनसीब होते हैं वो लोग, जो इस देश पर कुर्बान होते हैं; जान देकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं; करते हैं सलाम उन देश प्रेमियों को; जिनके कारण इस तिरेंगे का मान होता है ।
शुभ गाँधी जयंती!”

8. “सत्य और अहिंसा का पुजारी जिसने बिना शस्त्र उठाये अंग्रेजों को झुका दिया और भारत को आजाद करा दिया ।”

9. “इश्वर अल्ला तेरो नाम, सब को सम्पति दे भगवान! बोले तो गाँधी जयंती और गांधी गीरी जिंदाबाद!”

10. “खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं ।”

11. “थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है ।”

12. “मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है, जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ ।”

13. “शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है ।”

14. “जहाँ प्रेम है वहां जीवन है ।”

15. “सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है. वह आत्मनिर्भर है ।”

16. “ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो. ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो ।”

17. “मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है. अहिंसा उसे पाने का साधन ।”

18. “आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते ।”

19. “मुन्ना भाई: अबे सर्किट, बापू बोले तो गाँधी जी कपड़े क्यों नहीं पहनते थे?
सर्किट: भाई बोले तो बापू भी उस टाइम के सलमान खान थे।
शुभ गाँधी जयंती!”

20. “भगवान का कोई धर्म नहीं है ।”

21. “मेरा जीवन मेरा सन्देश है ।”

22. “सत्य एक है, मार्ग कई ।”

23. “जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है।”

24. “प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है ।”

25. “आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है ।”

26. “कुछ करने में, या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं ।”

27. “आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता ।”

28. “सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं। अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे ।”

29. “एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है ।”

30. “किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके लोगों के दिलों और आत्माओं में बसती है ।”

31. “सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं होता ।”

32. “क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है ।”

33. “किसी भी देश की संस्कृति उसके लोगों के ह्रदय और आत्मा में बसती है ।”

34. “जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा ।”

35. “पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है ।”

36. “स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना ।”

37. “श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास ।”

38. “गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है ।”

39. “हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा ।”

40. “हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है ।”

41. “अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है ।”

42. “यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है ।”

43. “मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ.मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ ।”

44. “कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं ।”

45. “तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो ।”

46. “वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है ।”

47. “चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए ।”

48. “जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता | दुःख के बिना सुख नहीं होता ।”

49. “जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह सबके भीतर है ।”

50. “जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है ।”

51. “मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है, कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है, और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है ।”

52. “अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने के बाद ।”

53. “जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो, उसे प्रेम से जीतें ।”

54. “अधभूखे राष्ट्र के पास न कोई धर्म, न कोई कला और न ही कोई संगठन हो सकता है ।”

55. “जीवन की  गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है ।”

56. “हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा ।”

57. “गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है ।”

58. “दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में ।”

59. “लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम बढ़ाना ।”

60. “आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते ।”

61. “भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है ।”

62. “जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है ।”

63. “प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है। इसी से गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है ।”

64. “पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं ।”

65. “भविष्य में क्या होगा, मै यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है ।”

66. “राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है ।”

67. “मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों की ।”

68. “शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण और हानिकारक हो सकता है ।”

69. “प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है ।”

70. “आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते है ।”

71. “व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है ।”

72. “समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है ।”

73. “हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है ।”

74. “किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है ।”

75. “मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं ।”

76. “पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे ।”

77. “मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?”

78. “काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है ।”

79. “कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है ।”

80. “अपने से हो सके, वह काम दूसरे से न कराना ।”

81. “जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है ।”

82. “हंसी मन की गांठें बड़ी आसानी से खोल देती है ।”

83. “व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है ।”

84. “प्रार्थना माँगना नहीं है.यह आत्मा की लालसा है. यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है. प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है ।”

85. “कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते ।”

86. “विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है ।”

87. “आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं,आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं,आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं,आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं,आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती है ।”

88. “एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है ।”

89. “मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता ।”

90. “पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं ।”

91. “क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं ।”

92. “पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो ।”

93. “अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है ।”

94. “केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है ।”

95. “मैं किसी को भी अपने गंदे पाँव के साथ मेरे मन से नहीं गुजरने दूंगा ।”

96. “जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है ।”

97. “ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों ।”

98. “कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते मर जाना ।”

99. “सत्य कभी भी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचता जो उचित हो ।”

100. “चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए ।”

1 comment:

  1. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete